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राहुल गांधी की मिमिक्री पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री की, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने इसे मोदी की मां का अपमान करार दिया और राहुल को असंस्कारी बताया। इस विवाद ने राहुल की छवि पर सवाल उठाए हैं, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में। जानें इस मुद्दे की गहराई और राहुल की संचार टीम की रणनीति के बारे में।
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भाजपा ने राहुल गांधी के बयान पर उठाया सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की, जिस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा और उसके नेताओं ने इसे मोदी की 'मां' का अपमान बताते हुए कांग्रेस को सर्कस और राहुल को असंस्कारी फूफा करार दिया। भाजपा नेताओं ने राहुल को मर्यादा में रहने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया कि पीएम की मां का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने किसी मंच से पीएम मोदी का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। इससे पहले 13 अगस्त को नई दिल्ली में राहुल ने विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर मोदी पर तंज कसा था। उस समय राहुल ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था, जब दीक्षित ने मजाक में कहा था कि कहीं आप मुझे मेलोनी (इटली की पीएम) समझकर तो गले नहीं लगा रहे थे? राहुल ने जवाब दिया कि मैं अभी उस स्टेज तक नहीं पहुंचा। भाजपा ने 'एक्स' पर मोदी की रैली का एक अंश और राहुल के कार्यक्रम में मिमिक्री का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एक तरफ पीएम मोदी ने एक बुजुर्ग मां को सम्मान दिया, जबकि दूसरी तरफ राहुल ने मजाक उड़ाया। संस्कार और दिखावे की राजनीति में यही अंतर है। राहुल गांधी का यह शर्मनाक व्यवहार उनकी सोच को दर्शाता है।


राहुल गांधी की संचार टीम की रणनीति

राहुल गांधी की मुख्य संचार टीम में लगभग 8 से 10 लोग शामिल हैं, लेकिन 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों के लिए यह संख्या बढ़कर करीब 40 हो जाती है। इसमें पार्टी कार्यकर्ता और पेशेवर दोनों शामिल होते हैं। सूत्रों के अनुसार, यह एक युवा टीम है, जो संवाद को बेहतर बनाती है। गांधी भी उनके साथ लगातार कार्यशालाएं करते हैं ताकि जेनज़ी के दृष्टिकोण को समझा जा सके। राहुल ने पिछले छह महीनों में इंस्टाग्राम पर 30 लाख से अधिक नए फॉलोअर जोड़े हैं, जिससे उनकी कुल संख्या 1.55 करोड़ हो गई है। पिछले 180 दिनों में उनके फॉलोअर की वृद्धि लगभग 22 प्रतिशत रही है, जबकि औसत संबद्धता दर 1.86 प्रतिशत है। दुनिया में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी अवधि में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि उनकी संबद्धता दर 1.09 प्रतिशत रही।


राहुल गांधी की छवि पर असर

इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम में जो कुछ कहा गया, वह एक योजनाबद्ध तरीके से किया गया। उनकी संचार टीम शायद इस सिद्धांत पर काम कर रही है कि 'बदनाम होंगे तो क्या नाम नहीं होगा', जिसका परिणाम नकारात्मक रूप से होगा। फॉलोअर्स बढ़ाने या नाम चमकाने के प्रयास में राहुल गांधी की जो छवि बन रही है, वह गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी दोनों के लिए हानिकारक है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में इस फूहड़ राजनीति का कांग्रेस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यदि राहुल गांधी की संचार टीम इसी आत्मघाती दिशा में आगे बढ़ती रही, तो 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस को झटका लगेगा, क्योंकि जन साधारण इस तरह की फूहड़ राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।


राहुल गांधी का कार्यक्रम


-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक।