राहुल गांधी ने अवैध चुनाव का मुद्दा उठाया, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी का नया रुख
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में अवैध चुनाव का मुद्दा उठाया है। उन्होंने वोट चोरी के साथ-साथ अब अवैध चुनाव की बात भी शुरू कर दी है। मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग कार्यवाही के दौरान राहुल ने कहा कि 2024 का चुनाव विपक्ष ने तीन प्रतिशत के अंतर से हारा था। इसके बाद चुनाव आयोग ने 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटकर यह दावा किया कि साढ़े 13 करोड़ लोगों ने कभी वोट नहीं दिया। इसी आधार पर वे चुनाव को अवैध करार दे रहे हैं। उन्होंने रामलीला मैदान की रैली में भी इसी बात को दोहराया। सूत्रों के अनुसार, यह विचार पिछले हफ्ते एक ऑफ द रिकॉर्ड प्रेस ब्रीफिंग में सामने आया था।
उस प्रेस ब्रीफिंग का घटनाक्रम भी दिलचस्प है। पिछले हफ्ते कांग्रेस ने पत्रकारों को सूचित किया कि राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। बड़ी संख्या में पत्रकार वहां पहुंचे और उन्हें नोटपैड और पेन भी दिए गए। जब राहुल गांधी आए, तो उन्होंने लगभग 45 मिनट तक अपनी बात रखी। उनके साथ पार्टी की मीडिया टीम के नेता भी मौजूद थे। भाषण खत्म करने के बाद उन्होंने कहा कि यह सब ऑफ द रिकॉर्ड है। यह सुनकर पत्रकारों को आश्चर्य हुआ कि अगर यह बातें ऑफ द रिकॉर्ड थीं, तो उन्हें नोटपैड और पेन देने का क्या मतलब था? फिर भी, पत्रकारों ने उनकी बातें सुनीं और इसे चर्चा का विषय बना दिया।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने पहली बार चुनाव को अवैध बताने का मुद्दा उठाया। पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने भाजपा की जीत को बाहरी साजिश का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 2024 का चुनाव भाजपा ने साजिश के तहत जीता है। यह भी बताया जा रहा है कि उन्हें यह जानकारी हाल ही में मिली।
राहुल गांधी ने जन महाभियोग या रामलीला मैदान की रैली के बारे में कोई बात नहीं की, लेकिन उन्होंने गुजरात में भाजपा द्वारा की गई कथित साजिशों का जिक्र किया। उन्होंने हरेन पांड्या की हत्या के बारे में भी चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों का कहना है कि राहुल इस बात से पूरी तरह आश्वस्त थे कि वे स्वाभाविक रूप से चुनाव नहीं हार रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को साजिश के माध्यम से हराया जा रहा है। उस प्रेस ब्रीफिंग के बाद जन महाभियोग के दौरान राहुल ने तीन प्रतिशत का अंतर और 15 प्रतिशत नाम कटने का मुद्दा उठाया। उन्होंने रामलीला मैदान की रैली में भी इसी बात को दोहराया। माना जा रहा है कि राहुल गांधी पहले की तुलना में अधिक आक्रामक हो गए हैं, और इसके पीछे तर्क है कि भाजपा साजिश करके जीत रही है। इसलिए वे ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने और प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री तक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
