राहुल गांधी ने आईएनडीआईए रैली में केंद्र सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली में आईएनडीआईए गठबंधन की महारैली
नई दिल्ली - रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित आईएनडीआईए गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा ने देश की संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण कर लिया है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेगा।
मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का आरोप
राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से देशभर में 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भाजपा और उसके गठबंधन को मिले वोटों के बीच का अंतर केवल तीन प्रतिशत था, जिसे उन्होंने जनभावना के साथ खिलवाड़ बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अपने पद से हटना होगा और जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ज्ञानेश कुमार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल ने कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
आर्थिक असमानता पर सरकार को घेरा
आर्थिक असमानता के मुद्दे पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को कर्ज से राहत नहीं मिलती, जबकि अंबानी और अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर चुनिंदा उद्योगपतियों का नियंत्रण बढ़ रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
संविधान की रक्षा का संकल्प
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के प्रति नफरत की नहीं है। वे मोहब्बत की दुकान चलाने वाले लोग हैं और देश के हर नागरिक की आवाज को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
