राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह को लिखा पत्र
CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा
CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उनकी अन्य मांगों को मानने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को अपना 36 दिन का आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा किए गए लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित तौर पर पेलेट गन के उपयोग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।
राहुल गांधी ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने गृहमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, "छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?" पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गृहमंत्री ने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और अन्य घातक बल के उपयोग की अनुमति दी थी। उन्होंने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले लोग कौन थे। राहुल ने कहा, "आदरणीय श्री अमित शाह, मैं 20 जुलाई, 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर हमले के लिए जवाबदेही की मांग करते हुए यह पत्र लिख रहा हूं।"
नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा, "हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय, सुरक्षा बलों ने उन पर अंधाधुंध बल प्रयोग किया, जिसमें घातक हथियारों और आंसू गैस का इस्तेमाल भी शामिल था। सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। महिला छात्रों पर पुलिसकर्मियों ने हमला किया, जिसमें जानबूझकर उनके निजी अंगों को निशाना बनाना भी शामिल है।" उन्होंने कहा, "सबसे चौंकाने वाली बात जानलेवा पेलेट गन का इस्तेमाल रही है। मीडिया और सोशल मीडिया की रिपोर्टों में साफ़ तौर पर उन लोगों को देखा जा सकता है जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। मैं 19 साल के छात्र साहिल लोचब से मिला, जो अभी बहुत दर्द में है और हो सकता है कि उसकी एक आँख चली जाए, क्योंकि उसे पेलेट गन से गोली मारी गई थी।"
राहुल गांधी ने अपने पत्र में गृहमंत्री से सवाल करते हुए लिखा, "दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल आखिरकार आपके ही अधीन हैं, इसलिए मैं पूछता हूँ: 1. गृह मंत्री के तौर पर, क्या आपने छात्रों के ख़िलाफ़ पेलेट गन समेत जानलेवा बल के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी? अगर नहीं, तो किसने दी थी? 2. सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठियाँ बरसाते हुए जो लोग दिखे, क्या वे पुलिसकर्मी हैं या वॉलंटियर? उनकी तैनाती की मंज़ूरी किसने दी थी?"
छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? pic.twitter.com/NDwfka1UqO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में लिखा है- "किसी भी लोकतंत्र के लिए शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन बहुत ज़रूरी है। प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना और बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। इस तरह की बर्बर हिंसा हर नियम को तोड़ती है और इसने देश को आक्रोशित कर दिया है। देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी आवाज़ सुनी जाएगी।"
