Newzfatafatlogo

राहुल गांधी ने झारखंड छात्र आंदोलन पर सरकार को दी चेतावनी

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच, राहुल गांधी ने छात्रों के प्रति समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहिए और बल प्रयोग अनुचित है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। छात्रों ने JPSC परीक्षा में अनियमितताओं की जांच और कई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन छात्रों ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
 | 

राहुल गांधी का छात्रों के प्रति समर्थन


नई दिल्ली: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार को संवाद का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करना अनुचित है। इसके साथ ही, राहुल ने देश की शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे महंगा और दबाव वाला बताया। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है।


शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार

राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार को छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहिए और समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। इससे पहले, सोशल मीडिया पर भी उनसे झारखंड के छात्र आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई थी। राहुल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है, चाहे सरकार किसी भी दल की हो।



JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का मामला

झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में बताया कि आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों से हुई। सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी थी। जांच के बाद JPSC के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया और 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंत्री के अनुसार, जांच एजेंसी ने डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी।


सरकार की सहमति और छात्रों की मांगें

मंत्री के मुताबिक, छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ियों की जांच, परीक्षाएं रद्द करना और JPSC तथा JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार शामिल हैं। सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा के अलावा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति जताई है। हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।


छात्रों की परीक्षा रद्द करने की मांग

छात्रों ने आउटसोर्स एजेंसी TDPL के जरिए आयोजित कुल 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। मंत्री ने कहा कि जिन परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं और उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें रद्द नहीं किया जा सकता। हालांकि, TDPL से जुड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।


सरकार और बीजेपी के बीच टकराव

विधानसभा में सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया और उन्हें 10 अगस्त के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गुमराह किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब केवल छात्रों का मुद्दा नहीं रह गया है। सरकार ने JPSC और JSSC की मानक संचालन प्रक्रिया में सुधार के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रस्ताव दिया है। मंत्री ने हिंसा होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।