राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उठाई आवाज, कहा- किसी को नहीं बख्शा जाएगा
राहुल गांधी का प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर कुछ छात्रों के साथ संवाद किया, जो प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए थे। इन छात्रों ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
एनएसयूआई की एक महिला कार्यकर्ता ने कहा कि हिरासत के दौरान उन्हें बुरी तरह से पीटा गया और फिर थाने ले जाकर भी उनके साथ मारपीट की गई।
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक प्रोटेस्ट है, एक आवाज है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई इस आवाज को दबाने की कोशिश करेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे गृहमंत्री अमित शाह हों, पीएम नरेंद्र मोदी हों या ज्ञानेश कुमार, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ध्यान से देखना चाहिए, क्योंकि यह हिंदुस्तान है। उन्होंने कहा कि यहां न तो कोई हिंदू है, न मुसलमान, न कोई पुरुष है, न महिला, और न ही कोई जाति। यहां केवल एक आवाज है, एक विरोध है, और यही असली हिंदुस्तान है।
उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चेतावनी दी कि वे इस आवाज के सामने न आएं, क्योंकि इसके सामने कोई टिक नहीं सकता। युवाओं और छात्रों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन से जुड़े वीडियो सबूत के रूप में सुरक्षित रखें। राहुल गांधी ने कहा कि जब यह मामला समाप्त होगा, तब इन सबूतों के आधार पर सभी को सजा दिलाई जाएगी और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक विरोध प्रदर्शन है और यह देश की आवाज है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में FIR कैसे दर्ज करानी है और दबाव कैसे बनाना है, यह सब उनका काम है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें इसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
