राहुल गांधी ने लोकसभा में छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की
राहुल गांधी की लोकसभा स्पीकर से मुलाकात
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि कल छात्रों पर हुई हिंसा और परीक्षा संकट के लिए सरकार की जवाबदेही पर मॉनसून सत्र में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.… pic.twitter.com/qc2ptKQUt7
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
क्या संसद युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती?
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को उनके भविष्य के बारे में सवाल पूछने पर पीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो उसका क्या उद्देश्य है? विपक्ष इसे दबाने नहीं देगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों की आवाज़ सड़कों पर और संसद में सुनी जाए।
संविधान ही आपका मालिक है
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।Peaceful…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 20, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध एक मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी निर्दोष छात्रों पर हमले के आदेशों का पालन कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि संविधान ही उनका मालिक है। सत्ता स्थायी नहीं होती, और जवाबदेही अवश्य तय की जाएगी।
