Newzfatafatlogo

रेवंत रेड्डी का हिटलर से प्रेरणा लेने का विवाद

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे हिटलर से प्रेरणा लेते हैं। यह बयान राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहा है, खासकर जब राहुल गांधी भाजपा सरकार पर तानाशाही के आरोप लगा रहे हैं। रेड्डी का हिटलर के हाइड्रा प्रोजेक्ट का उल्लेख करना और उसके आधार पर हैदराबाद के वाटर प्रोजेक्ट का नाम रखना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या यह बयान लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है? जानिए इस पर और क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं।
 | 
रेवंत रेड्डी का हिटलर से प्रेरणा लेने का विवाद

मुख्यमंत्री का विवादास्पद बयान

राहुल गांधी ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निरंतर तानाशाही और फासीवाद के आरोप लगाए हैं। इस बीच, उनके करीबी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा है कि वे हिटलर से प्रेरणा लेते हैं। यह सोचने वाली बात है कि कोई व्यक्ति हिटलर से प्रेरणा कैसे ले सकता है, जबकि इतिहास में हिटलर को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। जर्मनी में आज भी हिटलर का नाम लेना एक अपराध माना जाता है, लेकिन भारत में एक मुख्यमंत्री का ऐसा बयान देना चिंताजनक है।


रेवंत रेड्डी ने हिटलर के हाइड्रा प्रोजेक्ट का उल्लेख किया, जो कि लोगों की हत्या करने के लिए जाना जाता था। उन्होंने इस नाम का उपयोग करते हुए हैदराबाद के वाटर प्रोजेक्ट का नाम रखा है। यह ध्यान देने योग्य है कि रेवंत रेड्डी पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। हालांकि, संघ सार्वजनिक रूप से हिटलर या मुसोलिनी का उल्लेख नहीं करता। कहा जाता है कि बीआर मुंजे ने इटली में मुसोलिनी के संगठन का अध्ययन किया था, लेकिन कोई भी सार्वजनिक रूप से हिटलर और मुसोलिनी से प्रेरित होने की बात नहीं करता।