लखनऊ पुलिस ने 48 घंटे में अपहृत बच्ची को किया बरामद, पांच आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ में अपहरण का मामला
लखनऊ। लखनऊ की चौक पुलिस ने 48 घंटे के भीतर 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की सहायता से डेढ़ साल की बच्ची के अपहरण का खुलासा किया है। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया है।
13 जुलाई 2026 की रात को, लखनऊ के चरक चौराहे के पास एक व्यक्ति की 18 महीने की बेटी को अज्ञात बदमाशों ने सोते समय अगवा कर लिया था। पूछताछ के दौरान पता चला कि हरदोई के शेरसिंह को एक नवजात बच्चे की आवश्यकता थी। उसने अपने जानकार डॉक्टर श्यामजी यादव से संपर्क किया, जिसने मोहम्मद सुल्तान की मदद से बच्चा उपलब्ध कराने की योजना बनाई। इस काम के लिए ₹2.5 लाख का सौदा तय हुआ था। 13 जुलाई की रात, गिरोह के सदस्यों ने बच्ची का अपहरण किया।
सौदा रद्द होने पर बच्ची को छोड़ा गया
आरोपियों ने जिस बच्ची का अपहरण किया, वह नवजात नहीं बल्कि डेढ़ साल की थी। जब मुख्य खरीदार को यह पता चला, तो उसने बच्ची को लेने से मना कर दिया और सौदा रद्द हो गया। इसके बाद, पुलिस के दबाव और सौदा टूटने के कारण, आरोपी बच्ची को आलमबाग थाना क्षेत्र के गुलजार नगर मछली मंडी के पास छोड़कर भाग गए।
सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता
इस घटना के बाद, पुलिस ने चौक और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और सर्विलांस का सहारा लिया। फुटेज से आरोपियों के रूट और पहचान का पता चला। 15 जुलाई 2026 की सुबह, पुलिस ने सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर गुलजार नगर से भूसामंडी चौराहा होकर मालवीय नगर मोड़ के पास घेराबंदी की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें 20 वर्षीय ऋषभ कश्यप, 22 वर्षीय रोहित पासी, 25 वर्षीय मोहम्मद इरशाद, 27 वर्षीय मोहम्मद सुल्तान, और 29 वर्षीय नाकाश्याम जी यादव शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
