लखनऊ में मोबाइल की किस्त न चुकाने पर युवक का अपहरण
अजीब मामला लखनऊ से
लखनऊ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि मोबाइल फोन की किस्त न चुकाने के कारण उसका अपहरण कर लिया गया, उसका खून निकाला गया और उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
मोबाइल की खरीदारी और किस्त
नवल नामक इस व्यक्ति ने लगभग एक वर्ष पूर्व एक दुकान से जीरो-डाउन-पेमेंट योजना के तहत 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल फोन खरीदा था। इसकी मासिक किस्त 2,799 रुपये निर्धारित की गई थी। परिवार का कहना है कि जब पहली किस्त का समय आया, तो दुकान के लोग आए और फोन वापस ले गए। 8 सितंबर को, दो लोग उनके घर आए और नवल को अपने साथ ले गए।
खून निकालने की घटना
लखनऊ : ये दिल दहला देनी वाली घटना राजधानी लखनऊ की है। एक युवक ने क़िस्त पर मोबाइल लिया। सभी किस्ते समय से दे रहा था, उसके बाद भी रिकवरी एजेंट ने युवक को उसके घर से उठाया और बहाने से लखनऊ ले आया।
किस्त न भरने के आरोप पर युवक को बंधक बनाया। उसका 1 यूनिट खून निकालकर भेजा और युवक… pic.twitter.com/GBE5kGvAkh
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) September 15, 2026
नवल ने आरोप लगाया कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाकर उसका खून निकाला गया। इसके बाद उसे एक घर में बंधक बना लिया गया और कई दिनों तक उससे काम करवाया गया। आरोपियों ने नवल के बड़े भाई से संपर्क किया और मोबाइल की किस्त के लिए 2,799 रुपये की मांग की। जब परिवार ने नवल को छोड़ने की गुहार लगाई, तो उन्होंने 12,000 रुपये की मांग की।
धमकी और पुलिस की कार्रवाई
परिवार का कहना है कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो नवल को मारकर गोमती नदी में फेंक दिया जाएगा। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पांच दिन बाद, पुलिस के हस्तक्षेप से नवल को रैपिडो कैब से घर लाया गया। आरोप है कि इसके लिए उसके भाई को किराया देना पड़ा।
पुलिस की निष्क्रियता
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, तो उन्हें धमकी दी गई कि अगर वे मामले को आगे बढ़ाते हैं, तो नवल को भी फंसाया जा सकता है। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर नवल की मां ने एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया, जिसके बाद सोमवार को मामला दर्ज किया गया और अब आरोपियों की तलाश की जा रही है।
