लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस की भारत यात्रा से बढ़ेंगे द्विपक्षीय संबंध
लिकटेंस्टीन के प्रिंस की भारत यात्रा
लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस सोमवार को भारत की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने वाला बताया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह यात्रा भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों के लिए एक नया अध्याय खोलेगी। प्रिंस एलॉइस ने वडोदरा जाने के बाद नई दिल्ली में कदम रखा, जहां उनका स्वागत राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें राजनयिक, व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में प्रिंस के कार्यक्रमों में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता शामिल है।
इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी भी प्रिंस से मुलाकात करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रिंस का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का भी कार्यक्रम है। यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, खासकर 2025 में भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के समझौते के लागू होने के बाद।
भारत और लिकटेंस्टीन ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और इस वर्ष उनके द्विपक्षीय संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई। प्रिंस एलॉइस इससे पहले फरवरी 2026 में 'AI इम्पैक्ट समिट' में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे और वे 2010 तथा 2018 में भी भारत का दौरा कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल अपनी यात्रा पूरी करके बुधवार को भारत से लौटेगा।
