लेबनान में हिंसा के बीच अमेरिका-ईरान शांति समझौता प्रभावित
लेबनान में हालात बिगड़ते हैं
पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित 'ऐतिहासिक' समझौते के तुरंत बाद, क्षेत्र में फिर से गंभीर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिणी लेबनान में, इस समझौते के एक दिन बाद, एक रात में कई जानलेवा हमले हुए हैं।
इज़राइल के हवाई हमले
लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, नबातीह ज़िले में इज़राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई है। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, और मलबे में दबे लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
हमलों का विवरण
रात के समय कई कस्बों और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। NNA ने इसे हाल के समय में सबसे भीषण बमबारी में से एक बताया। नबातीह, कफ़र जौज़, कफ़र रेमन और ज़ेबदीन में इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी की गई। बाद में हवाई हमले कफ़र तिबनित और रेहान हाइट्स पर भी हुए।
शांति समझौते का संदर्भ
यह हिंसा अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिसमें लेबनान सहित सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत समाप्त करने का वादा किया गया था।
समझौते के प्रमुख बिंदु
इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरानी राष्ट्रपति ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए थे। इसमें अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने का वादा शामिल है।
आर्थिक सहयोग और पुनर्निर्माण
समझौते में आर्थिक सहयोग, ईरान के लिए पुनर्निर्माण निधि और होर्मुज जलडमरूमध्य सहित समुद्री व्यापार मार्गों को बहाल करने के प्रयासों का भी उल्लेख है। हालाँकि, शांति समझौते की घोषणा के 24 घंटे के भीतर लेबनान में हुई हिंसा ने क्षेत्र में स्थिरता के सवालों को फिर से खड़ा कर दिया है।
