लोकसभा में पेपर लीक बिल पर गरमाई बहस: राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल
संसद में हंगामेदार चर्चा
नई दिल्ली: बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर हंगामा किया, जिसके कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई और विधेयक पर चर्चा आगे बढ़ी।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी के क्या कहा
विपक्ष के सांसद राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि देश में परीक्षा से लेकर कॉपियों की जांच तक की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह एग्जाम सिस्टम नहीं, बल्कि एक्सटॉर्शन सिस्टम है। ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे रह रहे हैं। पेपर लीक की कीमत 30 से 40 लाख रुपये तक पहुंच गई है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ती जा रही है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। राहुल ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था।"
गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल
गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सदन में मौजूद नहीं हैं और उन्हें छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, "आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें।" इस बयान के बाद सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके चलते सदन में हंगामा शुरू हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना किसी आधार के ऐसे बयान देना उचित नहीं है। ट्रेजरी बेंच के सांसदों ने राहुल गांधी से माफी की मांग भी की।
छात्रों के आंदोलन का जिक्र
"देश का भविष्य खतरे में" राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "देश का भविष्य सड़कों पर उतरा है और छात्रों का गुस्सा जायज है। वे हमारे देश का भविष्य हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। छात्र मेहनत करते हैं, सच्चाई को समझते हैं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद रखते हैं।" उनके भाषण के दौरान कुछ शब्दों को लेकर फिर से सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि अगर कोई शब्द असंसदीय पाया गया तो उसे कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।
