वंदे मातरम गायन विवाद पर अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया
विवाद का केंद्र: वंदे मातरम गायन
वंदे मातरम गायन विवाद: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने ध्वजारोहण के बाद पूरे वंदे मातरम को गाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस ने इस पर स्पष्ट किया कि ऐसा रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर तक खड़े रहे, इसलिए सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने का अनुरोध कर रही थीं। इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के पास ऐसी बातें करने के अलावा और कोई काम नहीं है।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने बीजेपी नेताओं द्वारा राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग पर प्रतिक्रिया दी। रविवार को उन्होंने कहा, “बीजेपी के पास कोई सार्थक कार्य नहीं है। यदि बीजेपी ने कुछ अच्छा किया होता, तो वे संविधान को कमजोर नहीं कर रहे होते। याद रखें, संविधान है तो आज़ादी है; संविधान है तो हमें अधिकार मिले हैं; और संविधान है तो लोकतंत्र है…”
सपा नेता ने आगे कहा, “...सब कुछ डेटा में स्पष्ट है। हमारे देश की सीमाओं की सुरक्षा परिसीमन से अधिक महत्वपूर्ण है... क्या बीजेपी बता सकती है कि 2014 में भारत का ज़मीनी क्षेत्र कितना था और आज कितना है?... जब भी सीमाओं को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो बीजेपी के सदस्य मुद्दे को भटकाने के लिए पलटकर सवाल पूछते हैं... हम ‘PDA’ के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलेंगे और लोगों को एकजुट करने की दिशा में काम करेंगे...”
