वन्दे मातरम् गायन पर सियासी बहस: मायावती का ध्यान जनहित के मुद्दों पर
वन्दे मातरम् गायन विवाद
वन्दे मातरम् गायन विवाद: भारत में राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बहस चल रही है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने हाल ही में निर्णय लिया कि पार्टी अपने सभी आयोजनों में वन्दे मातरम् के छह में से केवल पहले दो पैरा गाएगी। इस पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसे देशविरोधी करार दिया है। इस बीच, बसपा प्रमुख मायावती ने इस मुद्दे पर सियासी बहस के बजाय शिक्षा, बेरोजगारी और बाढ़ जैसे जनहित के मामलों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, 'देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या केवल पहले दो छंद गाने हैं, इस पर जो राजनीति चल रही है, वह उचित नहीं है। हमारी पार्टी का मानना है कि हाल ही में संसद में जो कानून पारित हुआ है, वह कोई नया नहीं है।' उन्होंने कहा, 'केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के दौरान सभी पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के अनुसार कानूनों में बदलाव करती रहती हैं।'
1. देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया…
— Mayawati (@Mayawati) August 21, 2026
बसपा प्रमुख ने आगे लिखा, 'इस समय देश में जनहित के मुद्दों पर, विशेषकर बेरोजगार युवाओं और छात्रों की समस्याओं, तथा कुछ क्षेत्रों में बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि पर सभी राजनीतिक दलों और सरकारों को ध्यान देना चाहिए। यही वर्तमान में देश और जनहित की सबसे बड़ी आवश्यकता है।'
