विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर दिया जवाब
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी का उत्तर दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई में भारतीय सरकारी अधिकारियों के साथ संभावित मुलाकात पर सवाल उठाया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेज़बानी एक स्थापित परंपरा है। इसके साथ ही, विदेश मंत्री एस जयशंकर के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ-साथ मार्को रुबियो के साथ उनकी मुलाकातें शामिल हैं। MEA ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के विभिन्न शहरों में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेज़बानी करने की परंपरा रही है।
प्रधानमंत्रियों की मेज़बानी के उदाहरण
मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में स्पेन के प्रधानमंत्री, अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेज़बानी की थी। इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर के कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक, केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात और अमृतसर में 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन शामिल हैं। MEA का यह उत्तर तब आया जब राहुल गांधी ने मुंबई में भारतीय अधिकारियों के साथ रुबियो की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर सरकार से सवाल उठाया।
राहुल गांधी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने शुक्रवार को 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। उन्होंने कहा, "मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। बेहतर होगा कि आप ही स्पष्ट कर दें।" यह टिप्पणी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' के एक सत्र के दौरान रुबियो की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। सर्जियो गोर ने बताया कि रुबियो मुंबई में भारतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और दिल्ली से आने वाले अन्य अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री जयशंकर भी इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।
