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विपक्ष का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम, अमित शाह की चुनौती

देश की राजनीति में चुनाव आयोग को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने महाभियोग कार्यक्रम की योजना बनाई थी, लेकिन बारिश के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को संसद में चर्चा करने की चुनौती दी है। एक नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की एक बड़ी रैली का आयोजन भी प्रस्तावित है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।
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ज्ञानेश कुमार महाभियोग विवाद


देश की राजनीतिक स्थिति में चुनाव आयोग को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर आयोजित होने वाला जन महाभियोग कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। अब विपक्षी नेता इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन को शनिवार को आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।


अमित शाह की खुली चुनौती

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने संसद में विशेष सत्र बुलाकर वोट चोरी के आरोपों पर चर्चा करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा, एक नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की एक बड़ी रैली का आयोजन भी प्रस्तावित है।


बारिश ने विपक्ष की योजना को प्रभावित किया

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को करनी थी, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे को प्रस्ताव पेश करना था। बारिश के कारण यह कार्यक्रम नहीं हो सका। हालांकि, राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेता खरगे के निवास पर पहुंचे और एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। राहुल ने कहा कि विपक्ष संविधान और जनता के वोट की रक्षा के लिए एकजुट है।


अमित शाह का पलटवार

लखनऊ में अमित शाह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि वोट चोरी हुई है, तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव को संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने विशेष संसद सत्र बुलाने की चुनौती दी और कहा कि बीजेपी के पास कुछ छिपाने के लिए नहीं है। शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।


रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन

राहुल गांधी के अनुसार, एक नवंबर को दोपहर 12 बजे विपक्षी सांसद और नेता मिंटो रोड तथा कनॉट प्लेस के जंक्शन पर एकत्रित होंगे। यहां से सभी नेता विशेष बसों के माध्यम से रामलीला मैदान पहुंचेंगे। विपक्ष इस रैली के जरिए चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपनी आवाज उठाना चाहता है।


जुबानी जंग तेज

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बीजेपी की जीत को चुनावी प्रबंधन से जोड़कर सवाल उठाए। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने विपक्षी एकजुटता को एक बड़ी ताकत बताया। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और संबित पात्रा ने भी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए।


व्यापारियों की चिंता

दिल्ली के व्यापारी भी प्रस्तावित मार्च और रैली को लेकर चिंतित हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पहले तीन पत्र भेजे थे। जवाब न मिलने पर सोनिया गांधी को भी पत्र भेजा गया है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, त्योहारों के दौरान पुरानी और मध्य दिल्ली के बाजारों में भीड़ रहती है। ऐसे में ट्रैफिक बाधित होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। संगठन ने रैली दीपावली के बाद कराने की अपील की है।