विपक्ष का राम मंदिर चंदा घोटाले पर संसद में अनोखा प्रदर्शन
संसद में विरोध प्रदर्शन का आयोजन
शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने राम मंदिर चंदा घोटाले के आरोपों के खिलाफ संसद परिसर में एक अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मकर द्वार की सीढ़ियों के पास आयोजित किया गया, जिसमें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मुख्य भूमिका निभाई। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी समेत कई अन्य विपक्षी सांसद भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष ने इस मुद्दे के साथ-साथ छात्र आंदोलनों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
पप्पू यादव का नाटक में योगदान
इस नाटक के दौरान, पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर और भगवान राम का चित्र हाथ में लेकर मंदिर के पुजारी के रूप में नजर आए। प्रदर्शन के दौरान, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र में चंदा डाला। इसके बाद नाटक में दिखाया गया कि पुजारी दानपात्र में राशि डालने के बजाय उसे अपनी जेब में रख लेता है। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने श्रद्धालु की भूमिका निभाते हुए धन के गबन पर सवाल उठाया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने "चंदा चोर, गद्दी छोड़" और "अमित शाह, सदन में आओ" जैसे नारे लगाए।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भगवा वस्त्र पहनकर इस तरह का नाटक करना संतों और सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रहा है। भाजपा नेताओं ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
साक्षी महाराज का बयान
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि विपक्ष का भगवान राम से कोई वास्तविक संबंध नहीं है और इस प्रदर्शन के माध्यम से भगवान राम, भगवा रंग और सनातन संस्कृति का अपमान किया गया है। उन्होंने पप्पू यादव की भूमिका की तुलना पौराणिक चरित्र कालनेमि से करते हुए इसे निंदनीय बताया। इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
राम मंदिर चंदा मामले की जांच
यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा गबन के आरोपों की जांच के लिए एक नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक किरण एस कर रहे हैं, जिसमें डीआईजी, एसपी और एएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल में गर्मी
राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान और राजनीतिक नाटक करार दे रही है। अब इस मामले की जांच और संसद में होने वाली आगे की बहस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
