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विपक्ष की एकजुटता: चुनाव आयोग के खिलाफ साझा संघर्ष की तैयारी

विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई है। त्योहारों के चलते प्रदर्शन धीमे हो सकते हैं, लेकिन उनका अभियान जारी रहेगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द कराने की लड़ाई भी सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी। राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष ने एकजुट होकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। सीजेपी का समर्थन घटता जा रहा है, जिससे विपक्ष की एकता और आगे की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी और आगे की योजना के बारे में।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को जारी रखेगा। त्योहारों के चलते प्रदर्शन थोड़े धीमे हो सकते हैं, लेकिन विपक्ष का अभियान निरंतर चलेगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द कराने की लड़ाई भी जारी रहेगी। यह संघर्ष सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाएगा, सड़क पर प्रदर्शन होंगे और अगले महीने संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।


विपक्ष की एकजुटता का संकेत

राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च और उनके आवास पर विपक्ष की बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि विपक्ष अब एकजुट होकर प्रदर्शन करने पर सहमत हो गया है। पहले विपक्ष का विरोध बिखरा हुआ था, लेकिन अब नेताओं ने एकजुटता के साथ एक ही मुद्दे पर एक साथ प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है।


विपक्ष के अंतर्विरोध और सरकार की रणनीति

पिछले कुछ हफ्तों से यह सवाल उठ रहा था कि जब मुद्दा एक है, तो अलग-अलग प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं। 'इंडिया' ब्लॉक ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई, जबकि आम आदमी पार्टी ने अन्य दलों को समर्थन देकर अलग प्रदर्शन की हवा बनाई। कम्युनिस्ट पार्टियों की दुविधा भी स्पष्ट थी, क्योंकि वे दोनों पक्षों में शामिल थीं।


सीजेपी का समर्थन घटता हुआ

विपक्ष के अंतर्विरोध को सरकार ने बढ़ावा दिया। जब कांग्रेस के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, तो दिल्ली पुलिस ने इसे सामान्य तरीके से संभाला, लेकिन सीजेपी के प्रदर्शन पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार सीजेपी के प्रदर्शन को अधिक महत्व दे रही है। हाल ही में सीजेपी के प्रदर्शन में भीड़ की कमी दिखी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनका जन समर्थन घट रहा है।


विपक्ष की एकता और आगे की रणनीति

अब सीजेपी पूरी तरह से अलग थलग पड़ गई है, जबकि विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर लड़ने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर को रद्द कराने के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी याचिका दायर की गई है। यह देखना होगा कि विपक्ष की एकता कितनी समय तक बनी रहती है और आम आदमी पार्टी और सीजेपी की आगे की रणनीति क्या होती है।