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विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित किया

विपक्षी गठबंधन INDIA ने 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जनता के महाभियोग' का प्रस्ताव पारित किया। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठता है। उन्होंने 2024 के चुनावों को अवैध करार दिया और विपक्ष के सांसदों की एक बड़ी संख्या ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या मांगें रखी गईं।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव


विपक्षी गठबंधन INDIA ने 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जनता के महाभियोग' का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित हुआ, जहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह इस महाभियोग की मांग का समर्थन करते हैं और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।


राहुल गांधी का राजनीतिक हथियार का बयान

राहुल गांधी ने बताया राजनीतिक हथियार


राहुल गांधी ने कहा कि 'जनता का महाभियोग' उन लोगों के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार है, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वालों के खिलाफ विपक्ष का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार इस पद पर नहीं रह पाएंगे। यदि भाजपा उन्हें पद पर बनाए रखती है, तो यह पार्टी की मंशा पर सवाल उठाएगा।


2024 के चुनावों को अवैध करार दिया

2024 के लोकसभा चुनाव को बताया अवैध


राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध करार दिया, यह कहते हुए कि 13.3 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में इन वोटरों ने मतदान किया था और इस बार भाजपा ने चुनाव 3 प्रतिशत के अंतर से जीते। चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि यह चुनाव अवैध था।


विपक्षी सांसदों की बड़ी संख्या

खड़गे के आवास पर जुटे करीब 250 विपक्षी सांसद


यह कार्यक्रम मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 250 विपक्षी सांसदों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।


खड़गे ने गंभीर आरोप लगाए

खड़गे ने लगाए छह गंभीर आरोप


कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार पर छह गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुमार ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में काम किया है।


चार प्रमुख मांगें

प्रस्ताव में रखी गईं चार मांगें


INDIA गठबंधन के प्रस्ताव में चार प्रमुख मांगें शामिल हैं, जिनमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोकना शामिल है। खड़गे ने कहा कि यह अभियान व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता से काम करने के लिए प्रेरित करना है।


लोकतंत्र की रक्षा की अपील

मीरा कुमार ने मतदान के अधिकार पर जताई चिंता


मीरा कुमार ने कहा कि किसी योग्य नागरिक को मतदान से वंचित करना लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमलों का साहस के साथ मुकाबला करने की अपील की।


छात्र कार्यकर्ता का समर्थन

छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी लगाए आरोप


छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने विपक्ष के अभियान का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।


1 नवंबर को प्रस्तावित मार्च

1 नवंबर को रामलीला मैदान में मार्च


'जनता के महाभियोग' का यह कार्यक्रम 1 नवंबर को होने वाले मार्च से एक दिन पहले आयोजित किया गया। राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों को इस मार्च में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।