विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को
बैठक की तैयारी और विपक्षी नेताओं की उपस्थिति
नई दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित की जाएगी। इस बैठक के लिए विपक्षी नेताओं का आना शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच गईं, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पहले ही शनिवार को आ चुके थे। हालांकि, बैठक से पहले गठबंधन में कुछ मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं, क्योंकि डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इसमें भाग लेने से मना कर दिया है।
बैठक में शामिल होने वाली पार्टियों की संख्या
सोमवार को होने वाली इस बैठक में कुल 23 विपक्षी पार्टियां शामिल होंगी। नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक के बारे में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने जानकारी दी है कि 23 पार्टियों ने इसमें भाग लेने की सहमति दी है। हालांकि, कुछ दलों ने विभिन्न कारणों से इस बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है।
ममता बनर्जी की भूमिका और बैठक के मुद्दे
बैठक में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस पर सभी की नजरें रहेंगी। ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार विपक्ष की बैठक में भाग ले रही हैं। उनकी पार्टी में आंतरिक समस्याएं हैं, और माना जा रहा है कि वे 'इंडिया' ब्लॉक की ताकत का उपयोग अपनी पार्टी को बचाने के लिए करना चाहती हैं।
दिल्ली पहुंचने के बाद, ममता बनर्जी ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। यह भी चर्चा है कि उनकी सोनिया गांधी से भी मुलाकात हो सकती है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सरकार पर आरोप और विपक्ष की एकजुटता
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, जिससे करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उन्होंने महंगाई को घरेलू बजट को बिगाड़ने का कारण बताया और कहा कि यह लाखों युवाओं की उम्मीदों के साथ विश्वासघात कर रही है। रमेश ने सरकार पर निवेश के माहौल को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
