विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाई आवाज
इंडिया ब्लॉक की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बैठक में शामिल नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की। यदि उनका इस्तीफा नहीं दिया गया, तो छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, विपक्षी दल पूरे देश में दो से आठ अक्टूबर के बीच मार्च निकालेंगे।
इस बैठक में 19 पार्टियों के दो दर्जन से अधिक नेता शामिल हुए, जिसमें सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, और उमर अब्दुल्ला जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। विपक्ष ने तय किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके अलावा, चुनाव आयोग से यह भी मांग की गई कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों को सार्वजनिक किया जाए और वोटर को नोटिस और अपील का अवसर दिया जाए। विपक्ष ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि इस बैठक में 19 पार्टियों के लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद शामिल हैं। बैठक के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ने चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बना दिया है। ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को चोर और डाकू कहा। राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधा, यह कहते हुए कि वे लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं।
