विपक्षी सांसदों का संसद में राम मंदिर और छात्रों पर बल प्रयोग के खिलाफ प्रदर्शन
संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में छात्रों पर बल प्रयोग के खिलाफ बृहस्पतिवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।
सपा सांसदों ने संसद के मकर द्वार के पास प्रतीकात्मक रूप से 'दान पेटी' रखकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारे लगाए।
विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे को उठाते हुए एक बैनर भी प्रदर्शित किया, जिस पर 'ऑर्डर किसने दिया' लिखा था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और अन्य सांसद इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग के मामले में सदन में गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद सत्तापक्ष ने उनसे माफी की मांग की।
गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में शाह को छात्रों के साथ कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा के सांसदों ने राम मंदिर मामले पर बुधवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी 'आस्था के साथ विश्वासघात' कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की चोरी, गुप्त दान में अनियमितताएं, और जमीन सौदों में गड़बड़ियों जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
यादव ने कहा कि यह 'अक्षम्य महापाप' है और 'लोकधन की लूट' का मुद्दा संसद में उठाना सभी का दायित्व है। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
