शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा: कांग्रेस में शामिल होने की शर्तें क्या हैं?
नई दिल्ली में शहजाद पूनावाला का बयान
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हाल ही में पार्टी से इस्तीफा देने के अपने निर्णय के पीछे की वजह स्पष्ट की है। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान, कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं पर भी उन्होंने एक शर्त रखी है।
आर्थिक दबाव और खर्चों का जिक्र
पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को नियमित वेतन नहीं देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रोजमर्रा के खर्च, जैसे घर का किराया और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करना आवश्यक होता है। उनके अनुसार, मकान मालिक यह नहीं देखता कि कोई व्यक्ति किस राजनीतिक दल से संबंधित है, बल्कि केवल किराया मांगता है।
2024 से इस्तीफे पर विचार
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी छोड़ने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया। वह इस बारे में 2024 से विचार कर रहे थे। पार्टी छोड़ने के बाद कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया, लेकिन अभी तक पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कांग्रेस में शामिल होने की शर्तें
एनडीटीवी के साथ बातचीत में, पूनावाला ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए एक दिलचस्प शर्त रखी। उन्होंने कहा कि वह तभी कांग्रेस में शामिल होंगे जब राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी से हटा दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने नेहरू के कार्यों के लिए माफी मांगने की भी शर्त रखी।
बीजेपी छोड़ने के बावजूद मोदी के साथ रहने की इच्छा
पूनावाला ने कहा कि बीजेपी से पद छोड़ने के बावजूद उनकी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि वह वैचारिक रूप से उनके साथ बने रहेंगे। अपने इस्तीफे में उन्होंने आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए निजी क्षेत्र में जाने की बात कही थी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वह जहां भी संभव होगा, मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण का समर्थन करते रहेंगे।
