शेख हसीना का भावुक संबोधन: बांग्लादेश में कानून का राज जरूरी
शेख हसीना का लाइव संबोधन
नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब से लाइव संबोधन दिया। जैसे ही उन्होंने भाषण शुरू किया, उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह दिन उनके लिए खास है, क्योंकि आज ही के दिन, 5 अगस्त को, उनकी 15 साल पुरानी सरकार का तख्तापलट हुआ था।
तख्तापलट के बाद का पहला सार्वजनिक संबोधन
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्रों के उग्र प्रदर्शनों और राजनीतिक तख्तापलट के कारण शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। तब से वह भारत में एक सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं। सत्ता खोने के बाद से वह मीडिया की नजरों से दूर थीं, लेकिन अब दो साल बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
भावुकता के साथ अपनी बात रखी
Former Bangladesh PM Sheikh Hasina, speaking virtually to media in Delhi:
“ I speak as someone who has spent her life with the people of Bangladesh. I was forced away from my country,…”
Her voice broke as she became emotional and teared up.#SheikhHasina #Bangladesh #Delhi pic.twitter.com/enCVJFg0by— Prashant Shekhar Mishra (@SrPsm007) August 5, 2026
हसीना ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि जुलाई और अगस्त में जो घटनाएं हुईं, वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संगठित समूह ने छात्रों का इस्तेमाल किया और आंदोलन को हिंसक बना दिया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2024 के बाद स्थिति बदली और हिंसा बढ़ी।
बांग्लादेश में कानून का राज आवश्यक
हसीना ने बांग्लादेश में अव्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि देश को एकता की आवश्यकता है। उन्होंने बेरोजगारी और नागरिकों की परेशानियों का जिक्र करते हुए बांग्लादेश लौटने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों से संवैधानिक मूल्यों की बहाली की मांग की और कहा कि बांग्लादेश में कानून का राज होना चाहिए।
