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शेख हसीना का भावुक संबोधन: बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और चरमपंथ की बढ़ती समस्या

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2024 में सत्ता से हटने के बाद अपना पहला सार्वजनिक संबोधन किया, जिसमें उन्होंने अपने विचारों को साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सत्ता से हटने के बाद अवामी लीग के नेताओं और अन्य समुदायों पर अत्याचार बढ़ा है। हसीना ने चरमपंथ में वृद्धि की चिंता जताई और अपने परिवार के सदस्यों को याद करते हुए भावुक हो गईं। इस संबोधन में उन्होंने बांग्लादेश के विकास कार्यों की भी चर्चा की।
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शेख हसीना का पहला सार्वजनिक संबोधन

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2024 में सत्ता से हटने के बाद अपना पहला सार्वजनिक संबोधन किया। इस दौरान वह भावुक हो गईं और उन्होंने अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त किए। हसीना ने कहा कि मुहम्मद यूनुस की सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों के हत्यारों को सुरक्षा देने का निर्णय उनके असली इरादों को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन यूनुस की "गैर-कानूनी अंतरिम सरकार" ने इसे रोक दिया। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर उन्हें डर नहीं था, तो सच सामने क्यों नहीं आया?"


अवामी लीग के नेताओं पर हमले

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि उनके सत्ता से हटने के बाद से अवामी लीग के हजारों नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों, पत्रकारों, वकीलों, जजों और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर अत्याचार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 का आंदोलन "संविधान पर एक सुनियोजित हमले" में बदल गया है और मौजूदा सरकार पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया। इस दौरान, हसीना अपने परिवार के सदस्यों को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कहा कि यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए लाखों लोगों ने शहादत दी।


चरमपंथ में वृद्धि की चिंता

बांग्लादेश में चरमपंथ में भारी बढ़ोतरी: पूर्व इंटेलिजेंस अधिकारी

बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक और इंटेलिजेंस अधिकारी अमीनुल हक पोलाश ने कहा कि शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद से चरमपंथ में काफी वृद्धि हुई है। वकील शाह मोहम्मद बख्तियार ने यूनुस की पिछली सरकार की कड़ी आलोचना की और बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा शेख हसीना पर चलाए गए "दिखावटी" मुकदमे की भी निंदा की।


हसीना के विकास कार्यों की सराहना

शेख हसीना के सहयोगी का बचाव

शेख हसीना के सहयोगी और राजनीतिक विश्लेषक अबू ओबैदा अरिन ने पूर्व प्रधानमंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने बांग्लादेश को "बिना तार वाले बिजली के खंभों" वाले देश से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक में बदल दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली बीएनपी सरकार के दौरान ठेके पाने के लिए 10% कमीशन देना अनिवार्य था।