संजय राउत का मोदी पर तीखा हमला, नेहरू की तुलना का किया विरोध
संजय राउत का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की तुलना पीएम मोदी से किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि नेहरू एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके योगदान की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
नेहरू का योगदान
संजय राउत ने कहा कि पंडित नेहरू के कार्यकाल की किसी से तुलना नहीं की जा सकती। वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पंडित नेहरू 16 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे। 15 अगस्त 1947 से वह देश के प्रधानमंत्री थे, लेकिन भाजपा और मोदी जी इसे मानने को तैयार नहीं हैं क्योंकि उनका कहना है कि वह निर्वाचित प्रधानमंत्री नहीं थे। उनके मंत्रिमंडल में बाबा साहेब आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे कई प्रमुख नेता शामिल थे। इसका मतलब यह है कि आप सरदार पटेल को देश का पहला गृह मंत्री और बाबा साहेब आंबेडकर को पहला कानून मंत्री मानने से इनकार कर रहे हैं।
चुनावों पर सवाल
संजय राउत ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना गया, लेकिन वह 2019 तक ही निर्वाचित प्रधानमंत्री थे। उसके बाद हुए चुनावों को उन्होंने हाईजैक किया। चुनाव आयोग को प्रभावित कर और सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर वह दो बार और प्रधानमंत्री बने। हम उन्हें 2019 के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री नहीं मानते।
उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन के समय प्रधानमंत्री ने कई बातें छिपाई थीं, जबकि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। ये लोग चुनाव में धांधली करके जीतते हैं और खुद को निर्वाचित प्रधानमंत्री कहते हैं। उनकी तुलना नेहरू से नहीं की जानी चाहिए।
न्याय की मांग
संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी का मामला चार वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुनवाई नहीं हो पा रही है। मीनाक्षी नटराजन, शरद पवार और ममता बनर्जी को न्याय कैसे मिलेगा? हमें कैसे न्याय मिलेगा?
कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन हुए, लेकिन उन्हें मीडिया में नहीं दिखाया गया। अभिजीत दिपके के बारे में कुछ जानकारी मिली है और मैं और भी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं।
