संजय राउत ने राम मंदिर विवाद पर मोहन भागवत से हस्तक्षेप की अपील की
राम मंदिर विवाद पर संजय राउत की अपील
नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राम मंदिर के मुद्दे पर आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर मुगलों द्वारा मंदिरों की लूट का जिक्र करते हैं, लेकिन भाजपा गजनवी के राम मंदिर लूट पर चुप क्यों है? राउत ने भागवत से अपील की कि जैसे उन्होंने राम मंदिर के निर्माण में मदद की, वैसे ही अब भी मदद करें।
संजय राउत ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत को यह पूछना चाहिए कि इस मुद्दे पर वे चुप क्यों हैं, जबकि राम मंदिर में धन की चोरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वही लोग जो पहले कहते थे कि पुराने शासकों ने मंदिरों को लूटा, अब वही काम कर रहे हैं, और सरकार इस पर चुप है।
राम मंदिर की लूट के लिए नए मुगलों का आरोप
राउत ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की लूट के लिए अलाउद्दीन खिलजी या गजनवी नहीं आए थे। भाजपा के नेता बार-बार मुगलों की लूट का जिक्र करते हैं, लेकिन अब ये नए मुगल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही राम मंदिर को लूट रही है। मोदी अक्सर पूछते हैं कि सोमनाथ मंदिर किसने लूटा, तो फिर राम मंदिर की लूट का जिम्मेदार कौन है? यह भाजपा के अपने लोग हैं।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि एसआईटी क्या करेगी? क्या रिपोर्ट को दबा दिया जाएगा? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के शासन में राम का अस्तित्व मिटा दिया गया है, और मंदिर की दानपेटी से पैसे की चोरी हो रही है। राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
राउत ने प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का भी जिक्र किया, जिन्होंने कहा था कि जब भगवान राम वनवास में थे, तब भरत ने उनकी खड़ाऊं की रक्षा की थी, लेकिन भाजपा के लोग खुद भगवान राम की खड़ाऊं चुरा रहे हैं।
ओमराजे निंबालकर पर तीखा हमला
संजय राउत ने लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर पर भी तीखा हमला किया, उन्हें “कुख्यात गद्दार” करार दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उपयोग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। राउत ने कहा कि दलबदलुओं का कोई विचारधारात्मक आधार नहीं होता और वे केवल अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि क्या गद्दारों का कभी कोई स्टैंड होता है? उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले कुख्यात गद्दार हैं। ओमराजे को यह समझना चाहिए कि वे अब उन्हीं लोगों के साथ हैं जिन पर वे पहले आरोप लगाते थे। यह बेशर्मी और लालच की पराकाष्ठा है।
संजय राउत ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर भी टिप्पणी की, कहा कि गद्दारों की कोई विचारधारा नहीं होती। ओमराजे निंबालकर एक कुख्यात गद्दार हैं। शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को तोड़ने के समान है। उद्धव ठाकरे जानते हैं कि ओमराजे को पहले 15 करोड़ रुपये किसने दिए थे। धाराशिव में जो विकास दिख रहा है, वह पिछले सरकारों के कार्यकाल में हुआ था।
