Newzfatafatlogo

संसद के मानसून सत्र का पहला दिन: हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

सोमवार को संसद के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे से भरा रहा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट परीक्षा और पेपर लीक मामले को उठाया, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया। कार्यवाही को कई बार स्थगित किया गया, और अंततः इसे मंगलवार सुबह तक के लिए रोक दिया गया। सभापति ने सदस्यों से सार्थक चर्चा करने का आह्वान किया और नई एआई-आधारित अनुवाद सुविधा की जानकारी दी।
 | 

संसद में हंगामे का पहला दिन

नई दिल्ली - सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। पहले ही दिन, दोनों सदनों में लगातार हंगामा होता रहा, जिसके कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा की कार्यवाही को कुल 6 बार स्थगित किया गया, और अंततः इसे पूरे दिन के लिए रोक दिया गया।


राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि देशभर के छात्र चिंतित हैं।


खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का उल्लेख किया और कहा कि वहां बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया। उनके बयान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो गया।


सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो हंगामा जारी रहा, जिसके कारण इसे साढ़े बारह बजे और फिर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा। अंततः, कार्यवाही को मंगलवार सुबह तक के लिए रोक दिया गया।


सभापति ने सदन को संबोधित करते हुए नव-निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया और सभी सांसदों से राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं और सदस्यों को इस समय का सदुपयोग करना चाहिए।


इसके अलावा, सभापति ने बताया कि राज्यसभा सचिवालय ने एआई-आधारित तात्कालिक अनुवाद सुविधा शुरू की है, जो फिलहाल नौ भाषाओं में उपलब्ध है। उन्होंने सदस्यों से इस नई सुविधा पर प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके।


सभापति ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे सदन के कामकाज को समय पर पूरा करने पर ध्यान दें, क्योंकि हर व्यवधान उन मुद्दों पर चर्चा को प्रभावित करता है जो देश और जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।