संसद के मानसून सत्र की तैयारी: महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का समय निर्धारित
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बैठक
नई दिल्ली: लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने की, जिसमें सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सत्र के एजेंडे पर विचार-विमर्श किया। बैठक में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। स्पीकर ने सभी दलों से जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करने का आग्रह किया।
महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा का समय
बैठक के दौरान विदेशी चंदे की पारदर्शिता, सॉवरेन डेट मार्केट, जन्म और मृत्यु पंजीकरण, राष्ट्रीय सम्मान की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। अधिकांश विधेयकों पर चार घंटे की बहस तय की गई, जबकि एमएसएमई संशोधन विधेयक के लिए पांच घंटे का समय निर्धारित किया गया।
सुप्रीम कोर्ट और एमएसएमई से जुड़े प्रस्ताव
बैठक में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक पर भी चर्चा का समय तय किया गया। इस प्रस्ताव के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है। एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े संशोधन का उद्देश्य कारोबार को सरल बनाना और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना है।
जनहित के मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान विभिन्न दलों के सदस्यों ने राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को मानसून सत्र में शामिल करने का सुझाव दिया। इन विषयों पर चर्चा कराने की मांग उठाई गई, ताकि संसद के माध्यम से आम जनता से जुड़े सवालों पर प्रभावी विमर्श हो सके।
उत्पादक सत्र की उम्मीद
बैठक के अंत में स्पीकर ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल मिलकर मानसून सत्र को सार्थक और जनहितकारी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां होने वाली चर्चा देशहित में सकारात्मक परिणाम देने वाली होनी चाहिए।
