संसद के मानसून सत्र की शुरुआत: NEET धांधली और छात्रों की समस्याओं पर विपक्ष का हंगामा
संसद में राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत भारी राजनीतिक गतिविधियों और हंगामे के साथ हुई। पहले दिन, लोक सभा और राज्य सभा में विपक्ष ने NEET परीक्षा में धांधली, छात्रों की समस्याओं और राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के मुद्दों पर तीखा विरोध किया। विपक्षी सांसदों के लगातार प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष का सरकार पर हमला
संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि परिसर के बाहर भी विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के प्रति संवेदनहीन है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
NEET-UG पेपर लीक पर विपक्ष की प्रतिक्रिया
राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने NEET-UG पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए इसे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जो सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है।
मंगलवार को भी हंगामे की संभावना
इस 25 दिवसीय सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, जो 13 अगस्त तक चलेंगी। हालांकि, मंगलवार को भी हंगामे की पूरी संभावना है। विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार सुबह 10 बजे राज्य सभा में आयोजित की जाएगी।
सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष ने संसद में सत्ता पक्ष को घेरने के लिए कई संवेदनशील मुद्दों की सूची तैयार की है। NEET धांधली और राम मंदिर चंदा चोरी के अलावा, लद्दाख में सोनम वांगचुक के आंदोलन, E20 पेट्रोल नीति और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर भी बहस होने की संभावना है।
सरकार की शांति की अपील
इस बीच, सरकार ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय विकास के हित में रचनात्मक चर्चा आवश्यक है और संसद में विचार के लिए सूचीबद्ध 8 महत्वपूर्ण विधेयकों पर सर्वसम्मति से काम होना चाहिए।
'मंगल मिलन' संसदीय दल की बैठक
NDA ने भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संसद भवन परिसर में 'मंगल मिलन' संसदीय दल की बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित कई शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और विपक्ष के हमलों का जवाब देने तथा विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की।
