संसद में नीट पेपर लीक पर सियासी टकराव, प्रदर्शन के दौरान एनडीए और विपक्षी सांसद आमने-सामने
संसद परिसर में गरमाया सियासी माहौल
नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद भवन परिसर में नीट (NEET) पेपर लीक और राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास तक किए गए प्रदर्शन ने सियासी माहौल को गरमा दिया। संसद के मकर द्वार पर एनडीए और विपक्षी सांसदों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों पर जोरदार नारेबाजी की।
एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के प्रदर्शन का विरोध किया, जबकि विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक के मामले में सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे। कुछ समय तक दोनों पक्ष मकर द्वार पर डटे रहे और एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाते रहे।
सरकार का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है और विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पूरी तरह असफल रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। विपक्ष ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके।
प्रधानमंत्री के इस ऐलान पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार ने पहुंचाया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।
