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संसद में हंगामे के बीच चौथे दिन भी नहीं हुई कार्यवाही

गुरुवार को संसद में नीट यूजी पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के चलते कार्यवाही चौथे दिन भी नहीं हो सकी। सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच नारेबाजी और तनाव की स्थिति बनी रही। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जानें इस गतिरोध के पीछे की पूरी कहानी और संसद की स्थिति के बारे में।
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संसद में गतिरोध जारी


नई दिल्ली। गुरुवार को लगातार चौथे दिन संसद की कार्यवाही ठप रही। मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से नीट यूजी पेपर लीक और जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के कारण संसद में गतिरोध बना हुआ है। इस दिन संसद भवन के परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार का कहना है कि वह नीट यूजी पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष का कहना है कि पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।


गुरुवार को संसद भवन के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एनडीए के सांसदों ने भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने का विरोध किया। इस दौरान विपक्षी सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। दोनों पक्षों के सांसदों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया।


संसद के अंदर भी हंगामा जारी रहा, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को पहले 12 बजे और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जब लोकसभा में कार्यवाही दो बजे शुरू हुई, तो हंगामा जारी रहा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी इसी तरह की स्थिति बनी रही, जिसके कारण कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।


इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजीजू ने कहा, 'हमने कल भी अपील की थी और आज भी सदन से अपील कर रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से भी बात की है।' उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे तय करें कि चर्चा कब शुरू करनी है, यह कहते हुए कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष शर्तें रख रहा है।