संसदीय कार्य मंत्री ने कांग्रेस पर लगाया व्यवधान डालने का आरोप
संसदीय कार्य मंत्री का बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में अनुचित तरीके से व्यवधान डाला। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार चर्चा करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा था।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद, रीजीजू ने बताया कि सरकार इस स्थिति से संतुष्ट नहीं है क्योंकि महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पाई और कार्य उत्पादकता बहुत कम रही। लोकसभा में कार्य उत्पादकता केवल 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत रही।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सत्र में विपक्ष का रवैया बेहतर होगा।
मंत्री ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान 12 विधेयक पारित किए गए, लेकिन केवल एक विधेयक पर चर्चा हुई। यह विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 था।
रीजीजू ने कहा कि विपक्ष ने प्रश्नकाल को भी नहीं चलने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के सांसदों का मानना है कि उनका काम केवल नारे लगाना और हंगामा करना है।
उन्होंने कहा कि उन्हें नए सांसदों के लिए खेद है, जो चर्चा में भाग नहीं ले सके।
जब उनसे पूछा गया कि क्या संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि भविष्य के बारे में मत पूछिए।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था। विपक्षी दलों के सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा किया।
सरकार ने कहा कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ने तीनों मुद्दों को एक साथ उठाने की मांग की।
