सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमलों ने यमन संघर्ष को फिर से जगाया
सऊदी अरब में हमलों का नया दौर
सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों पर हाल ही में हुए हमलों ने यमन के संघर्ष को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है। आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पिछले दो दिनों में निशाना बनाया गया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में तीन लोगों की जान गई और 36 अन्य घायल हुए। आभा एयरपोर्ट पर दो लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए, जबकि किंग खालिद एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की जान गई और आठ लोग घायल हुए। इन हमलों की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने रियाद के एयरपोर्ट को बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। सऊदी गठबंधन ने एक बैलेस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया और इसके बाद हूती ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने सऊदी अरब के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता भी व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इन हमलों की निंदा करता है, जिसमें आम नागरिकों की जान गई है।
यमन संघर्ष का संदर्भ
सवाल यह है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट फिर से हूतियों के निशाने पर क्यों आ गए हैं। इसका उत्तर यमन के संघर्ष में छिपा है। हूती विद्रोही देश के बड़े हिस्से, विशेषकर उत्तर और पश्चिम के क्षेत्रों पर नियंत्रण रखते हैं। 2014 में हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। हाल के महीनों में संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है।
युद्ध का दायरा
यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने हूतियों के खिलाफ एक बड़ा जवाबी अभियान शुरू किया है, विशेषकर लाल सागर और बाबल मंदेव के आसपास। सऊदी गठबंधन यमन में सरकारी बलों को हवाई समर्थन दे रहा है, जबकि हूती विद्रोही अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं। एक मिसाइल रनवे के पास उस समय गिरी जब काहिरा से आने वाली उड़ान उतरने वाली थी। इस प्रकार, यमन के भीतर और उसके आसपास नागरिक विमानन भी युद्ध के जोखिम में आ गया है।
भारत का हित
भारत के लिए सऊदी अरब की स्थिरता और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में निवास करते हैं। इसके अलावा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए यह क्षेत्र भारत के लिए बेहद अहम है। इस घटनाक्रम में ईरान का पहलू भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सऊदी अरब और उसके सहयोगी लंबे समय से हूतियों को ईरान से हथियार और वित्तीय सहायता मिलने का आरोप लगाते रहे हैं।
