सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए, धर्म परिवर्तन की घोषणा की
डॉ. आकाश अग्रवाल का हंगामा
स्नातक-शिक्षक MLC चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने बूथ कैप्चरिंग और पुलिस-प्रशासन के उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। शुक्रवार को, उन्होंने मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से मिलकर बूथों पर हुई कथित गड़बड़ियों की शिकायत की। प्रेस से बातचीत में, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदान अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
धर्म परिवर्तन की घोषणा
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव में भाग लेने के कारण उनके समर्थकों को स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों द्वारा परेशान किया जा रहा है। भावुक होकर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सनातन का रक्षक माना जाता है, उन्हीं के कारण उन्हें और उनके साथियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले महीने लखनऊ जाकर शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन करेंगे। उनका कहना था कि किस पार्टी से चुनाव लड़ना है और किस धर्म में रहना है, यह उनका व्यक्तिगत अधिकार है।
पुलिस के उत्पीड़न का आरोप
‘ऐसा लगता है, जैसे पाकिस्तान से आया आतंकवादी हूं’
अग्रवाल ने कहा कि 12 जिलों में उनके शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया है, और 100 से अधिक स्कूलों में पुलिस पहुंची। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, मानो वे अपराधी हों। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है। अग्रवाल ने कहा कि यदि उन्हें पहले पता होता कि चुनाव लड़ने पर उनके साथियों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो वे चुनाव नहीं लड़ते।
बूथ कैप्चरिंग के आरोप
खेरागढ़ और छाता में बूथ कैप्चरिंग का आरोप
सपा प्रत्याशी ने खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 और छाता के बूथ नंबर 40 पर बूथ लूटने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि खेरागढ़ बूथ का वीडियो मंडलायुक्त को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी के भोजन करने के दौरान मतदाताओं को बाहर निकाल दिया गया। इसके अलावा, बूथ नंबर 10 पर भाजपा प्रत्याशी के पहुंचने और बूथ कैप्चरिंग की कोशिश का भी आरोप लगाया।
डॉ. आकाश अग्रवाल अलीगढ़ के निवासी हैं। पिछली बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और इस बार आगरा खंड से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं। उनके द्वारा लगाए गए चुनावी गड़बड़ी और उत्पीड़न के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
