समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के उम्मीदवार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें एक सपा नेता रामगोपाल यादव और दूसरे धनराज परिमल नथवानी हैं। दोनों ने आज बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया है।
रामगोपाल यादव सपा के एक प्रमुख नेता हैं और उनकी पहचान किसी परिचय की मोहताज नहीं है। वहीं, धनराज नथवानी एक प्रमुख कॉर्पोरेट लीडर और खेल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में, वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं और अंबानी परिवार के करीबी माने जाते हैं।
नथवानी के पिता, परिमल नथवानी, भी एक प्रसिद्ध उद्योगपति और राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्हें पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी का शौक है और वह गुजरात के वन्यजीवों, विशेषकर गिर के शेरों के संरक्षण में सक्रिय हैं।
राज्यसभा सीट जीतने की रणनीति
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए यूपी विधानसभा के निर्वाचित सदस्य 16 अक्तूबर को मतदान करेंगे। एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की आवश्यकता है। वर्तमान में, सपा के पास 95 विधायक हैं। पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने वाले सपा विधायक राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य इस बार शामिल नहीं हैं। भाजपा की पदाधिकारी होने के कारण पूजा पाल का सपा को वोट देना संभव नहीं है। सपा को उम्मीद है कि इनमें से दो विधायक इस चुनाव में वापसी करेंगे।
सुभासपा के दो विधायक, जगदीश नारायण राय और मो. अब्बास अंसारी का समर्थन भी सपा को मिलने की संभावना है। राय ने पिछले चुनाव में सपा को खुला मत दिया था। सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि उनके पास आसानी से 99 मत हैं। तीन प्रत्याशियों को जिताने के लिए उन्हें 111 मतों की आवश्यकता होगी, यानी तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए 12 वोटों की व्यवस्था करनी होगी।
सूत्रों के अनुसार, टिकट कटने की आशंका वाले कई भाजपा विधायक सपा के संपर्क में हैं। उन्हें कहा गया है कि यदि वे राज्यसभा चुनाव में समर्थन देंगे, तो विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा का टिकट दिया जाएगा। यही प्रस्ताव सपा ने अपने बागी विधायकों को भी दिया है। ध्यान रहे कि राज्यसभा चुनाव में खुला वोट डाला जाता है, यानी प्रत्याशी या उसके एजेंट को दिखाकर वोट दिया जाता है।
