समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद चुनाव में बूथ कब्जे की शिकायत की
बूथ कब्जे की शिकायत और दोबारा मतदान की मांग
समाजवादी पार्टी (सपा) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से विधान परिषद चुनाव में बूथ कब्जे के मामले में शिकायत की है। पार्टी ने दोबारा मतदान कराने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, जिसमें 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बूथ कब्जे की शिकायत की।
पार्टी ने अमरोहा, आगरा, फतेहपुर और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में बूथ कब्जे की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
सपा ने कहा कि मतदान केंद्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग और विभिन्न शिकायतों के आधार पर संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाए। इसके साथ ही, पार्टी ने पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज कराकर आरोपियों को जेल भेजने की भी मांग की।
सपा ने आरोप लगाया कि कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के 72 जिलों में मतदान के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया।
पार्टी ने यह भी कहा कि उसने बड़ी संख्या में लिखित शिकायतें भारत निर्वाचन आयोग को दीं, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
ज्ञापन में अमरोहा के सात, आगरा के पांच और फतेहपुर तथा प्रतापगढ़ के एक-एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराने की मांग की गई।
प्रदेश सचिव के.के. श्रीवास्तव, सपा के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की अपील की।
विधान परिषद चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला देखा जा रहा है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
