सिद्धारमैया ने 2028 विधानसभा चुनाव से हटने का किया ऐलान
सिद्धारमैया का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाग न लेने का निर्णय लिया है। मंड्या में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस चुनाव में नहीं उतरेंगे, लेकिन सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। उनके इस निर्णय ने कर्नाटक की राजनीतिक हलचल को नया मोड़ दिया है।
सिद्धारमैया ने मंड्या जिले के के.आर. पेट में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में कहा, 'राजनीति आज पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी है। ऐसे माहौल में मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव न लड़ने का मतलब राजनीति से दूर होना नहीं है। उनकी उम्र अब 79 वर्ष है, और चुनाव के समय वह 81-82 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में शुरू हुई थी।
ರಾಜಕೀಯ ಕ್ಷೇತ್ರ ಇಂದು ಕಲುಷಿತಗೊಂಡಿರುವುದರಿಂದ 2028ರ ವಿಧಾನಸಭಾ ಚುನಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ನಾನು ಸ್ಪರ್ಧಿಸುವುದಿಲ್ಲ. ಆದರೆ, ಸಕ್ರಿಯ ರಾಜಕಾರಣದಲ್ಲಿದ್ದು, ಜನರ ಕಷ್ಟ, ಸುಖಗಳಿಗೆ ಧ್ವನಿಯಾಗಿ ನಿಲ್ಲುತ್ತೇನೆ.
ಮತ್ತೊಮ್ಮೆ ಚುನಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ಸ್ಪರ್ಧಿಸುವಂತೆ ವರುಣ ಕ್ಷೇತ್ರದ ಜನರು ಒತ್ತಾಯಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ ನಾನು ಇನ್ನು ಮುಂದೆ ಯಾವುದೇ… pic.twitter.com/v0S4tCQ30o
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) July 26, 2026
वरुणा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का दबाव
सिद्धारमैया ने कहा कि वरुणा विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें फिर से चुनाव लड़ते हुए देखना चाहते थे। फिर भी, उन्होंने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव में जनता उम्मीदवार की मदद करती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उनके अनुसार, आज चुनाव लड़ने के लिए नेताओं को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। ईमानदार राजनीति के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है, यही कारण है कि उन्होंने भविष्य में चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।
पद से इस्तीफा
सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को अपना इस्तीफा दिया था, जिसे अगले दिन राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद डी. के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। अब चुनाव न लड़ने की घोषणा को उनके राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
