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सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से लिया संन्यास, बोले- भ्रष्टाचार ने किया राजनीति को प्रभावित

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेंगे और राजनीति में सक्रिय रहेंगे। सिद्धारमैया ने भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताई और अपनी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। जानें उनके बयान और कर्नाटक की राजनीति में उनके प्रभाव के बारे में।
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सिद्धारमैया का चुनावी राजनीति से संन्यास


बेंगलुरू। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेंगे। हाल ही में, उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था और डीके शिवकुमार ने उनकी जगह ली। सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि वर्तमान राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। कर्नाटक में अगला विधानसभा चुनाव मई 2028 में होगा, तब तक सिद्धारमैया की उम्र 80 वर्ष हो जाएगी। उनके बेटे यतींद्र वर्तमान में कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन राजनीति में सक्रिय रहेंगे और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने शनिवार को मंड्या जिले के केआरपेट में एक कार्यक्रम में कहा, 'राजनीति अब पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी है और ईमानदार राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं बचा है।' सिद्धारमैया ने आगे कहा, 'मैं अब 79 वर्ष का हो चुका हूं। हमारी सरकार का कार्यकाल लगभग डेढ़ साल बाकी है। तब तक मेरी उम्र 82 वर्ष हो जाएगी। मेरी सेहत पहले जैसी नहीं रही है। अब पहले जैसे उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है।'


मुख्यमंत्री पद छोड़ने के दो महीने बाद सिद्धारमैया का यह बयान महत्वपूर्ण है। यह माना जा रहा था कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिद्धारमैया उनके कार्यों में बाधा डालेंगे। लेकिन दो महीने में ही शिवकुमार ने सरकार पर पूरी पकड़ बना ली है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद सिद्धारमैया का प्रभाव और बढ़ सकता है। उल्लेखनीय है कि सिद्धारमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।