सिद्धारमैया ने राजनीति से संन्यास की घोषणा, 2028 के चुनाव में नहीं लड़ेंगे
सिद्धारमैया का चुनावी राजनीति से अलविदा
बोले- पहले जैसे उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है
सिद्धारमैया, मांड्या: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि वह 2028 के विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेंगे। यह बयान उन्होंने मांड्या जिले के केकेआरपेटे में आयोजित कृष्ण जयंती कार्यक्रम के दौरान दिया। उनके समर्थकों ने उनसे अगले 10 वर्षों तक राजनीति में बने रहने की अपील की है।
सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद का निर्णय
हाल ही में, सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ गया है, तो वह 2028 का चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन लोगों की समस्याओं के प्रति अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
भविष्य की योजनाएं
सिद्धारमैया ने कहा कि वरुणा सीट के लोग उन पर चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। पहले चुनावों में, लोग उन्हें समर्थन देते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
राजनीतिक सफर का समापन
सिद्धारमैया ने बताया कि उनकी उम्र अब 79 वर्ष है और उनकी सेहत पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि 2028 तक वह 82 वर्ष के हो जाएंगे और तब तक उनके राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे। उन्होंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
ईमानदार राजनीति की कमी
उन्होंने यह भी कहा कि आज की राजनीति में ईमानदारी का कोई स्थान नहीं है। चुनाव लड़ने के लिए अब लोगों को पैसे देने की आवश्यकता होती है, जो कि एक गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार और समर्थन दिया है, और यह उनके लिए एक कर्ज है।
सिद्धारमैया का राजनीतिक इतिहास
सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्य किया है, कुल मिलाकर 8 वर्षों से अधिक समय तक। उन्होंने 2013 से 2018 तक और फिर 2023 से 2026 तक मुख्यमंत्री पद संभाला। वह नौ बार विधायक चुने गए हैं।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
सिद्धारमैया का जन्म 3 अगस्त 1947 को मैसूर में हुआ। उन्होंने 1983 में भारतीय लोक दल की टिकट पर चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे। बाद में, उन्होंने जनता पार्टी में शामिल होकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
