सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सीबीआई की चार्जशीट में 13 आरोपियों का नाम
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। एजेंसी का कहना है कि इस जांच के दौरान पेपर लीक की पूरी साजिश और इसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान की गई है।
चार्जशीट में नामित आरोपी
सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट में यश यादव, मंगलिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षदकुमार शाह, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार को आरोपी बनाया है। सभी 13 आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इस चार्जशीट पर आगे की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।
एनटीए के विशेषज्ञ भी शामिल
चार्जशीट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों के नाम भी शामिल हैं। इनमें बायोलॉजी विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं। इसके अलावा, कई बिचौलियों और दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई का आरोप है कि इन लोगों ने लीक प्रश्नपत्र को हासिल करने और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में मदद की।
सीबीआई की चार्जशीट में सबूतों की भरपूर जानकारी
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण सबूतों को शामिल किया है। आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की राय और विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी शामिल की गई है।
जांच का दायरा और छापेमारी
सीबीआई ने बताया कि केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर 12 मई 2026 को मामला दर्ज किया गया था। जांच के लिए 72 अधिकारियों और आठ साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें बनाई गईं। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा, आरोपियों के बैंक खाते और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज किया गया है। सीबीआई का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और नए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
