Newzfatafatlogo

सुखबीर बादल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन की संभावना

पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, जिससे भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। 2020 में किसान आंदोलन के दौरान समाप्त हुए सहयोग को फिर से शुरू करने की कोशिशें हो रही हैं। इस मुलाकात पर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने कटाक्ष किया, जबकि कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने इसे अस्थायी बताया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 | 

सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात


नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और अकाली दल के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ रही हैं। दोनों पार्टियों का सहयोग 2020 में किसान आंदोलन के दौरान समाप्त हो गया था, लेकिन अब फिर से तालमेल की बातें हो रही हैं। शुक्रवार को अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की।


सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात पहले से चल रही बातचीत का परिणाम है, जिससे दोनों दलों के बीच चुनावी सहयोग की संभावना बढ़ गई है। चर्चा है कि अगली मंत्रिमंडल में हरसिमरत कौर बादल को शामिल किया जा सकता है, जो पहले मोदी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। यदि गठबंधन होता है, तो भाजपा अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी।


इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस मुलाकात पर कटाक्ष किया, यह पूछते हुए कि क्या यह चंदा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन है। इस पर सुखबीर बादल ने जवाब दिया कि केजरीवाल की पूर्व में की गई गारंटियाँ अब बेकार साबित हो चुकी हैं।


कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी इस गठबंधन पर टिप्पणी की, यह कहते हुए कि उन्हें पहले से ही इस बात का अंदाजा था कि दोनों दल फिर से एक होंगे, लेकिन यह गठबंधन स्थायी नहीं होगा।