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सुप्रीम कोर्ट में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई टली

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई को स्थगित कर दिया है। याचिकाकर्ता राकेश सिंह को निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत हलफनामे पर जवाब देने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है। इस मामले में राहुल गांधी सहित 13 विपक्षी नेताओं की याचिकाएं भी शामिल हैं, जो चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सुनवाई के दौरान क्या हुआ।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को टाल दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता में पीठ ने याचिकाकर्ता राकेश सिंह को निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत जवाबी हलफनामे पर अपना उत्तर (रिजॉइंडर) पेश करने के लिए 10 दिनों का समय दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित की है, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट के जारी होने के बाद होगी।


आयोग का हलफनामा और समय की मांग

पिछली रात दाखिल हुआ था आयोग का हलफनामा, अध्ययन के लिए मांगा समय
मंगलवार को सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता राकेश सिंह के वकील विकास सिंह ने पीठ से अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने अपना जवाबी हलफनामा ठीक पिछले दिन ही प्रस्तुत किया है, इसलिए याचिकाकर्ता को आयोग के तर्कों का अध्ययन करने और विस्तृत उत्तर तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया। इस कारण अदालत में मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।


विपक्ष के नेताओं की याचिकाएं

राहुल गांधी समेत विपक्ष के 13 दिग्गज नेता बने पक्षकार, SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और 'इंडिया' गठबंधन के 13 प्रमुख विपक्षी नेताओं की याचिकाएं भी शामिल की गई हैं। इन याचिकाओं में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया के केंद्रीकरण, मतदाता सूचियों से नाम हटाने और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर गंभीर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना एकतरफा निर्णय लिए, जो 2023 के अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है।


सुनवाई के दौरान तकनीकी समस्याएं

बंद कमरे जैसा माहौल: सुनवाई के दौरान ऑडियो-वीडियो हुआ बंद, ECI को फिर से नोटिस जारी
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के एक बड़े हिस्से के दौरान अदालत की वर्चुअल प्रोसीडिंग्स का ऑडियो-वीडियो फीड बंद कर दिया गया था। जब सुनवाई समाप्त होने के करीब पहुंची, तब ऑडियो-वीडियो फिर से चालू हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और डॉ. मेनका गुरुस्वामी उपस्थित थे। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालत को बताया कि यह मामला आयोग के कामकाज, ऑनलाइन 'फॉर्म 6' से छेड़छाड़ और चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट से संबंधित है, जिसमें यह दावा किया गया कि अदालत ने इस प्रक्रिया को अधिकृत किया था। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत इन सभी पहलुओं की जांच करेगी। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी नेता की नई याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ते हुए चुनाव आयोग को सभी याचिकाओं पर फिर से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।