सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
नई दिल्ली। पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर को खाली करने की अपील की है। इस दौरान, जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे हैं। इस स्थिति से नाराज कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आज से भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर भावुक होकर रो पड़े।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भावुक होकर रो पड़े।
यह घटनाक्रम सामाजिक कार्यकर्ता #SonamWangchuk को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद सामने आया।#AbhijeetDipke pic.twitter.com/oBJOJOcXjW
— Sachin (@Sachin1649242) July 18, 2026
अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की है। उनका कहना है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और वह किसी तरह जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को लगता है कि सोनम वांगचुक को ले जाने से आंदोलन समाप्त हो जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। हम यहीं रहेंगे और 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन अब हम पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।
क्या मैं कोई अपराधी हूं?
अभिजीत दीपके ने कहा कि सुबह सात बजे जब वह फ्रेश होने के लिए निकले, तो पुलिस ने सोनम वांगचुक को गालियां देते हुए घसीटकर ले जाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 60 साल का एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था, को दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती ले जाया। जब वह जंतर-मंतर पहुंचे, तो पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पुलिस नहीं, बल्कि आरएसएस के गुंडे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं? मुझे इन लोगों ने सड़कों पर मारा।'
