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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

सोनम वांगचुक, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, वर्तमान में दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका आंदोलन शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के तहत चल रहे इस आंदोलन में छात्रों की मांगों का समर्थन किया जा रहा है। वांगचुक का मानना है कि शिक्षा में सुधार और जवाबदेही आवश्यक है। उनकी भूख हड़ताल से छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का कारण


प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण विशेषज्ञ सोनम वांगचुक वर्तमान में दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। 59 वर्षीय वांगचुक को उनकी अनोखी सोच और जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए जाना जाता है। हालांकि, इस बार उनका आंदोलन शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ है।


हड़ताल की शुरुआत का कारण

सोनम वांगचुक ने छात्रों और युवाओं की मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की है। यह आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक नागरिक अभियान से जुड़ा है, जिसे एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने आरंभ किया। CJP ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं का ध्यान आकर्षित किया और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाई।


प्रतियोगी परीक्षाओं में विवाद

हाल के समय में भारत में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लाखों छात्रों ने भाग लिया था, जिसमें पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।


CJP की मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। संगठन पारदर्शी प्रक्रिया, जवाबदेही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहा है। इसके अलावा, वे उन परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं जिन्होंने परीक्षा संबंधी परेशानियों के कारण अपने बच्चों को खोया है।


सोनम वांगचुक का आंदोलन

सोनम वांगचुक का यह कदम छात्रों और युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा में लाने का प्रयास है। उनका मानना है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है। उनकी भूख हड़ताल जारी है और उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है।