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सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू किया अनशन

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। यह कदम नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक और सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ उठाया गया है। प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए हैं। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और वांगचुक के पिछले आंदोलनों के बारे में।
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सोनम वांगचुक का अनशन


नई दिल्ली में, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। यह कदम नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक और सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ उठाया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पिछले नौ दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है।


सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की घोषणा करते ही जंतर मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इस प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले, वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।


अभिजीत दीपके ने पहले कहा था कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दीपके अमेरिका में रहते थे और उन्होंने सीजेपी नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट बनाया। वह छह जून को भारत लौटे और जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हुए। सोनम वांगचुक ने पहले दिन से उनका समर्थन किया है। वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए भी आंदोलन किया था, जिसके दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहना पड़ा। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।