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सौरव जोशी की मर्सिडीज कार विवाद में नया मोड़: तकनीकी खराबी का खुलासा

सौरव जोशी, जो एक प्रसिद्ध व्लॉगर हैं, ने अपनी मर्सिडीज कार की माइलेज को लेकर उठे विवाद में नया मोड़ लाया है। पहले उन्होंने E20 पेट्रोल को कम माइलेज का कारण बताया था, लेकिन अब मर्सिडीज सर्विस सेंटर की जांच के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि असली समस्या इंजन में तकनीकी खराबी थी। इस विवाद ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा की है। जानें इस मामले में मर्सिडीज और सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही है।
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सौरव जोशी की मर्सिडीज कार की माइलेज पर विवाद

प्रसिद्ध व्लॉगर सौरव जोशी की मर्सिडीज कार की माइलेज को लेकर उठे विवाद में एक नया मोड़ आया है। पहले उन्होंने E20 पेट्रोल को कम माइलेज का कारण बताया था, लेकिन अब मर्सिडीज सर्विस सेंटर की जांच के बाद उन्होंने कहा है कि असली समस्या इंजन में तकनीकी खराबी थी। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद, सौरव ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनका उद्देश्य गलत जानकारी फैलाना नहीं था।


मर्सिडीज की जांच में सामने आई इंजन की समस्या

सौरव जोशी ने अपने नए बयान में बताया कि उनकी मर्सिडीज एसयूवी की जांच अधिकृत सर्विस सेंटर में की गई। जांच के दौरान तकनीकी टीम ने पाया कि वाहन के इंजन में खराबी थी, जिसके कारण माइलेज में भारी गिरावट आई। इसके बाद उन्होंने स्वीकार किया कि E20 पेट्रोल को दोष देना सही नहीं था। सौरव ने कहा कि यदि उनके पहले बयान से किसी तरह की गलतफहमी हुई है तो इसके लिए उन्हें खेद है। उन्होंने यह भी बताया कि अपने वीडियो का संबंधित हिस्सा संशोधित कर दिया गया है, हालांकि वह क्लिप अब भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है.


पहले E20 पेट्रोल पर लगाए थे गंभीर आरोप

कुछ दिन पहले, सौरव जोशी ने अपने यूट्यूब वीडियो में दावा किया था कि उनकी मर्सिडीज कार की माइलेज दो दिनों में 17 किलोमीटर प्रति लीटर से घटकर केवल 5 किलोमीटर प्रति लीटर रह गई। उन्होंने कहा था कि पहले एक फुल टैंक पर कार लगभग 800 किलोमीटर चलती थी, लेकिन अब इसकी अनुमानित रेंज करीब 480 किलोमीटर रह गई है। उन्होंने इस गिरावट के लिए E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराते हुए इंजन को संभावित नुकसान की आशंका भी जताई थी। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और E20 ईंधन को लेकर नई बहस शुरू हो गई.


मर्सिडीज और सरकार ने दी अपनी सफाई

सौरव जोशी के वीडियो के वायरल होने के बाद, मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि कंपनी के सभी BS-VI पेट्रोल वाहन E20 ईंधन के साथ पूरी तरह अनुकूल हैं और संबंधित सरकारी मानकों के अनुसार प्रमाणित भी हैं। कंपनी ने ग्राहकों से किसी भी तकनीकी समस्या के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करने की अपील की। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ी है, चीनी उद्योग को मजबूती मिली है और वर्ष 2014-15 से अब तक देश को लगभग 1.90 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। सरकार ने कहा कि यह कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.