Newzfatafatlogo

स्विट्जरलैंड ने अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति का किया स्वागत

स्विट्जरलैंड ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया है। 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के लिए तैयार किए गए रोडमैप पर सहमति बनी है। स्विट्जरलैंड ने इस प्रक्रिया में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को बढ़ावा मिलेगा। ईरान ने भी वार्ता के परिणामस्वरूप कुछ महत्वपूर्ण सहमतियों पर हस्ताक्षर किए हैं। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या-क्या सहमति बनी है।
 | 
स्विट्जरलैंड ने अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति का किया स्वागत

स्विट्जरलैंड का सकारात्मक रुख

बर्न: स्विट्जरलैंड के विदेश मामलों के संघीय विभाग (एफडीएफए) ने अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में तैयार किए गए रोडमैप का स्वागत किया है। विभाग ने मध्यस्थों द्वारा जारी संयुक्त बयान की भी सराहना की है। यह वार्ता मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई जा रही है।


कूटनीतिक वार्ताओं की प्रगति

स्विट्जरलैंड ने बताया कि 21-22 जून को बर्गेनस्टॉक में हुई गहन कूटनीतिक वार्ताओं के दौरान अमेरिका, ईरान और मध्यस्थ देशों (कतर और पाकिस्तान) के बीच सकारात्मक प्रगति हुई है। स्विट्जरलैंड ने इन वार्ताओं को सकारात्मक दिशा में बढ़ते हुए देखा है।


उच्चस्तरीय समिति का गठन

स्विस सरकार ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आधार पर एक उच्चस्तरीय समिति बनाने पर सहमति जताई है। यह कदम राजनीतिक और तकनीकी वार्ताओं के अगले चरण को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।


नई तकनीकी वार्ताओं का माहौल

स्विट्जरलैंड ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में तैयार किए गए रोडमैप का स्वागत किया है, जो नई तकनीकी वार्ताओं को फिर से शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगा।


स्विट्जरलैंड की मध्यस्थता की भूमिका

स्विट्जरलैंड ने अपने बयान में कहा कि वह अपनी पारंपरिक 'गुड ऑफिसेज' नीति के तहत इस प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए तत्पर है। उसका उद्देश्य तनाव को कम करना, क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना और स्थायी शांति की दिशा में योगदान देना है।


वार्ता का पहला दौर

यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का पहला दौर समाप्त हो चुका है, जिसमें दोनों पक्षों ने '60 दिनों के भीतर' एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमति जताई है।


ईरान की सहमति

ईरान ने बताया कि इन वार्ताओं के परिणामस्वरूप तेल निर्यात के लिए छूट और कुछ जब्त परिसंपत्तियों को छोड़ने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, पक्षों ने लेबनान में युद्धविराम की निगरानी के लिए एक 'डि-कन्फ्लिक्शन सेल' स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की है।