हरियाणा की मेज़बानी की मांग: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 पर सियासी हलचल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: हाल ही में ग्लासगो में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें भारत ने 39 पदक, जिनमें 13 स्वर्ण शामिल हैं, के साथ चौथे स्थान पर अपनी स्थिति बनाई। अब, अक्टूबर 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के 100वें संस्करण की मेज़बानी अहमदाबाद करेगा, जिससे देश की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इस मुद्दे को उठाते हुए हरियाणा के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है।
संसद में प्रदर्शन
दीपेंद्र हुड्डा ने सांसद जयप्रकाश जेपी, वरुण चौधरी, सतपाल ब्रह्मचारी और कर्मबीर बौद्ध के साथ मिलकर संसद परिसर में तख्तियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन हरियाणा में होना चाहिए या हरियाणा को सह-मेजबान बनाया जाए। हुड्डा ने 2026 के गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख किया, जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल हैं।
हुड्डा की अपील
हुड्डा ने कहा, "हरियाणा ने 13 गोल्ड में से 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। हमारी मांग है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स हरियाणा में आयोजित किए जाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि जब ये गेम्स होंगे, तो इससे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में लाखों करोड़ का निवेश होगा। उन्होंने 'खेलो इंडिया' पहल के तहत गुजरात को अधिक बजट मिलने और हरियाणा को कम बजट मिलने पर भी सवाल उठाए।
हरियाणा का पदक प्रदर्शन
मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात में क्यों?
आज संसद परिसर में कॉमनवेल्थ खेल 2030 के लिए हरियाणा को मेजबान या सह-मेजबान राज्य बनाने की मांग को लेकर हरियाणा के साथी सांसदों के साथ… pic.twitter.com/E83Ugt9Yo1
— दीपेंद्र सिंह हुड्डा (@DeependerSHooda) August 3, 2026
